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चमतà¥à¤•ारी coin के नाम पर था ठगी ईयर 1616 में बने चमतà¥à¤•ारिक राइस पà¥à¤²à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ के बारे में कहा जाता है कि ये सिकà¥à¤•ा जिसके पास आ जाठउसकी किसà¥à¤®à¤¤ देखते ही देखते बदल जाती है. इन दिनों इंटरनेट पर à¤à¥€ सिकà¥à¤•े की धूम मची हà¥à¤ˆ है. नजीबाबाद का रहने वाला सिराज मैसी à¤à¤‚टीक वसà¥à¤¤à¥ का बड़ा जानकार और सौदागर है. इंटरनेट के जरिठउसे इस बात की इंफॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ मिली कि राइस पà¥à¤²à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ को पाने की चाह रखने वालों की संखà¥à¤¯à¤¾ केवल इंडिया में ही नही बलà¥à¤•ि पूरे वलà¥à¤°à¥à¤¡ में है. यहीं से उसके दिमाग में à¤à¤• पà¥à¤²à¤¾à¤¨ आया और उसने इस काम के लिठअपने साथ अनà¥à¤¯ दस लोगों को बड़े खेल में शामिल कर लिया. दस अरेसà¥à¤Ÿ, मासà¥à¤Ÿà¤° माइंड फरार à¤à¤¸à¤“जी इंचारà¥à¤œ डीà¤à¤¸ कोहली को चार दिन पूरà¥à¤µ इस बात की पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ सूचना मिली थी कि कà¥à¤› लोग राइस पà¥à¤²à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ के नाम पर नकली सिकà¥à¤•ा बेचने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहे हैं. इसके लिठमà¥à¤‚बई के à¤à¤• बड़े पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥€ डीलर से सौदा à¤à¥€ तय हो चà¥à¤•ा है. ठगों की पहली लोकेशन ऋषिकेश में पाई गई. जिस पर टीम को à¤à¤²à¤°à¥à¤Ÿ कर दिया गया. संडे शाम गैैंग के मेंबर दून पहà¥à¤‚चे. जहां à¤à¤¸à¤“जी ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धर दबोचा. गिरफà¥à¤¤ मे लिठगठलोगों में विवेक शरà¥à¤®à¤¾ निवासी मथà¥à¤°à¤¾, मणिराजन निवासी मà¥à¤‚बई, जय पà¥à¤°à¤•ाश तिवारी निवासी दून, रमेश निवासी गंगनहर रà¥à¤¡à¤¼à¤•ी, दिनेश कà¥à¤®à¤¾à¤° निवासी मेरठ, दिलीप सागर निवासी मà¥à¤‚बई, वैà¤à¤µ पà¥à¤‚डीर निवासी सहारनपà¥à¤°, आलोक सैनी व मनीष कà¥à¤®à¤¾à¤° निवासी हरिदà¥à¤µà¤¾à¤° और नवीन कà¥à¤®à¤¾à¤° निवासी बिजनौर शामिल हैं. Gang के सरगना की तलाश ठगी गिरोह का मासà¥à¤Ÿà¤° माइंड सिराज मैसी फिलहाल à¤à¤¸à¤“जी के हतà¥à¤¥à¥‡ नही चढ़ सका है. उसके धर-पकड़ के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठजा रहे हैं. à¤à¤• टीम नजीबाबाद रवाना कर दी गई है. मà¥à¤‚बई के अंधेरी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सात बंगला निवासी गà¥à¤°à¥‚ शरण सिंह चौहान व लखनऊ सहादतगंज के रहने वाले परवेज हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ आपस में अचà¥à¤›à¥‡ मितà¥à¤° हैं. करीब à¤à¤• माह पूरà¥à¤µ मैसी ने इंटरनेट के माधà¥à¤¯à¤® से गà¥à¤°à¥‚ शरण को अपने जाल में फंसाया. वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने राइस पà¥à¤²à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठलिठलखनऊ से अपने फà¥à¤°à¥‡à¤‚ड परवेज को दून à¤à¥‡à¤œà¤¾. जहां ठगों ने उसे à¤à¥€ अपने विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ में ले लिया. यहां से वापस जाकर उसने गà¥à¤°à¥‚ को बताया कि इनके पास वासà¥à¤¤à¤µ में चमतà¥à¤•ारी सिकà¥à¤•ा है. जिस पर खरीद फरोखà¥à¤¤ के लिठरेट की बारà¥à¤—ेनिंग होने लगी. 21 सौ करोड़ का सिकà¥à¤•ा 80 लाख में सिराज ने गà¥à¤°à¥‚ शरण को बताया कि इस चमतà¥à¤•ारी सिकà¥à¤•े की कीमत बà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ में 21 सौ करोड़ रà¥à¤ªà¤ है, लेकिन वहां पर इनकी पहचान नहीं है. इसलिठकà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ को à¤à¤• करोड़ में बेच रहे हैं. बाद मे रेट 80 लाख तक आ गया. ठग के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• उसे यह सिकà¥à¤•ा पिथौरागढ़ से मिला था. यह इससे पहले à¤à¥‚टान के नरेश के पास था. सिकà¥à¤•ा चमतà¥à¤•ारी है ये सिदà¥à¤§ करने के लिठसंडे शाम गà¥à¤°à¥‚ शरण को à¤à¤• होटल में बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ गया. जहां दो लाख रà¥à¤ªà¤ रखते हà¥à¤ सिराज ने कहा अगर सिकà¥à¤•ा चमतà¥à¤•ार नहीं कर सका तो रà¥à¤ªà¤ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡. दरअसल, वहां à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में चावल रखा था जिसमें सिकà¥à¤•ा डालते ही उसका कलर चेंज हो जाना था. ठीक इसी दौरान à¤à¤¸à¤“जी की टीम ने सà¤à¥€ को रंगे हाथ पकड़ लिया. तांबे का सिकà¥à¤•ा था ठगों के पास टीम दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जब कथित चमतà¥à¤•ारी सिकà¥à¤•े की पड़ताल की गई तो वह तांबे का निकला. जिस पर हलà¥à¤¦à¥€ और नींबू का रस लगा हà¥à¤† था. इसे चावल के दाने से लगाते ही उसका रंग à¤à¥‚रा हो जाता है. बाद में ठग इसको चमतà¥à¤•ार बताकर ठगी करने वाले थे, लेकिन पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया. सच पता लगने के बाद गà¥à¤°à¥‚ शरण और उसके साथ परवेज ने अपना सिर पकड़ लिया. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अंदाजा तक नहीं था कि उनके साथ कितनी बड़ी ठगी होने वाली थी. पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने दोनों को अपना गवाह बनाकर कोरà¥à¤Ÿ में पेश करने का निरà¥à¤£à¤¯ लिया है. कà¥à¤¯à¤¾ है राइस पà¥à¤²à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ का सच राइस पà¥à¤²à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ के संदरà¥à¤ में मिली इंफॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ काफी अहम है. इस सिकà¥à¤•े का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ ईयर 1616 में इंडिया में ही किया गया था. मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि इस कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ में नौ गà¥à¤°à¥à¤°à¤¹à¥‹à¤‚ की उरà¥à¤œà¤¾ समाहित है. यदि इसे कारà¥à¤¬à¤¨ पेपर पर रखा जाठतो इसकी à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बनी रहती है. कारà¥à¤¬à¤¨ पेपर से बाहर निकलते ही इसकी शकà¥à¤¤à¤¿ इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• यंतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का कारà¥à¤¯ बाधित कर देती है. कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ में इरिडियम और कॉपर का यूज अधिक किया गया है. पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ समय में इसमें कà¥à¤² पांच धातॠइसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठगठथे. कहते हैं यह सिकà¥à¤•ा जिसके पास रहता है वह हर लिहाज से मजबूत बन जाता है. Internet पर फैला है ठगी का जाल इस अनोखे सिकà¥à¤•े की चाह रखने वाले पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में फैले हà¥à¤ हैं और यही वजह है कि इंटरनेट पर इसके लिठजमकर बोली à¤à¥€ लगाई जा रही है. संडे शाम तक राइस पà¥à¤²à¤° कà¥à¤µà¤¾à¤ˆà¤¨ को लेकर लगाई गई आखरी बोली बीस सौ लाख से उपर की पहà¥à¤‚च चà¥à¤•ी थी. ठग इसी का फायदा उठाते हैं. नेट के थà¥à¤°à¥‚ ठगों का जाल वलà¥à¤°à¥à¤¡ के अलग-अलग देश में फैलता जा रहा है. सिकà¥à¤•े को पाने की खà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¶ में लाखों लोग हर रोज लगने वाले बिट में शामिल होते हैं. कई तो इसमे पूरी तरह बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ à¤à¥€ हो चà¥à¤•े हैं. फिर à¤à¥€ लालच थमने का नाम नहीं ले रहा है.
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